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क्या ये आदमी योगी का बड़ा भाई है

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक शख्स की तस्वीर खूब वायरल हो रही है जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाई है और चाय की दुकान चलाता है


इंडिया टुडे फैक्ट चैक ने पाया कि तस्वीर में नजर आ रहा शख्स योगी आदित्यनाथ का भाई नहीं है और यह दावा झूठा है.

सोशल मीडिया पर कई अकाउंट्स और पेज पर यह तस्वीर पोस्ट की गई है. फेसबुक यूजर “नीलम चतुर्वेदी विधायक”  ने फोटो पोस्ट कर कैप्शन में लिखा: “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी के भाई हैं जो चाय की दुकान चला रहे हैं, कांग्रेस के कोई भी बड़े नेता का भाई इस तरह का हो तो जरूर पोस्ट कीजिएगा”. ये स्टोरी लिखे जाने तक इस पोस्ट को 11 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका था.

दावे का सच जानने के लिए इंडिया टुडे ने योगी आदित्यनाथ की बहन शशि सिंह से संपर्क किया. शशि के पति पूरण पायल ने हमें बताया कि वायरल हो रही तस्वीर में नजर आ रहा व्यक्ति न तो योगी का भाई है और न ही कोई रिश्तेदार. उन्होंने यह भी बताया कि योगी आदित्यनाथ का कोई भी भाई चाय की दुकान नहीं चलाता. मुख्यमंत्री योगी के तीन भाई और तीन बहनें हैं.

योगी के परिवार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए जब हमने इंटरनेट सर्च किया तो हमें उनके परिवार के इंटरव्यू का एक वीडियो मिला. एबीपी न्यूज ने यह इंटरव्यू मार्च 2017 में किया था, जब योगी मुख्यमंत्री चुने गए थे. वीडियो में योगी के दो भाइयों को देखा जा सकता है, हालांकि उनके तीसरे भाई भारतीय सेना में हैं. इंडिया टुडे सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया हाउस शैलेंद्र मोहन की स्टोरी प्रकाशित कर चुके हैं. वायरल हो रही तस्वीर में नजर आ रहे शख्स का चेहरा योगी के किसी भी भाई से मेल नहीं खाता.

पड़ताल से यह साबित हुआ कि वायरल तस्वीर में नजर आ रहा शख्स मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाई नहीं है.

सोर्स : आजतक


19th February 2019

vitorr news

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राफेल पर सबसे बड़ा सबूत

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल के मुद्दे को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं. मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता ने एक ईमेल के हवाले से कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि राफेल डील पर हस्ताक्षर करने से 10 दिन पहले ही अनिल अंबानी ने फ्रांस के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर कहा था कि जब पीएम आएंगे तो एक एमओयू (राफेल डील) साइन होगा, जिसमें मेरा नाम होगा.

ईमेल में क्या लिखा है?

'आपकी जानकारी के लिए, अभी फोन पर सी. सालोमन (सालोमन जेवाई ले ड्रायन के सलाहकार हैं, जो सोमवार को हुई मीटिंग में मौजूद थे) से बात हुई. ए. अंबानी इस हफ्ते मंत्री के ऑफिस आए (उनकी यह यात्रा गुप्त थी और पहले से ही तय थी) थे. मीटिंग में उन्होंने (ए. अंबानी ने) बताया कि वह कॉमर्शियल हेलोस पर पहले एएच के साथ काम करना चाहते हैं और बाद में डिफेंस सेक्टर में.  उन्होंने (ए. अंबानी) बताया कि एक एमओयू तैयार किया जा रहा है, जिस पर प्रधानमंत्री के दौरे के समय दस्तखत किए जाएंगे.'

ईमेल किसने किसको लिखा?

यह ईमेल एयरबस के तत्कालीन सीईओ गुलियाम फौरी की ओर से कंपनी के एशिया सेल्स हेड मॉन्टेक्स और फिलिप को लिखा गया था. इसकी कॉपी श्ली, क्लाइव, मॉडेट, डोमिनिक, चॉम्सी और निकोलस को भेजी गई थी.

राहुल के आरोप

राहुल गांधी ने ईमेल का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा, 'एयरबस कंपनी के एग्जक्यूटिव ने ईमेल में लिखा कि फ्रांस के रक्षा मंत्री के ऑफिस में अनिल अंबानी  गए थे. मीटिंग में अंबानी ने कहा था कि जब पीएम आएंगे तो एक एमओयू साइन होगा, जिसमें अनिल अंबानी का नाम होगा.' राहुल ने कहा कि डील पर दस्तखत होने से पहले राफेल डील के बारे में न तो भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री को मालूम था, न ही एचएएल को न ही विदेश मंत्री को.

लेकिन राफेल डील से 10 दिन पहले अनिल अंबानी को इस डील के बारे में मालूम था. इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री अनिल अंबानी के मिडिलमैन की तरह काम कर रहे थे. सिर्फ इसी आधार पर टॉप सीक्रेट को किसी के साथ शेयर करने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. उन्हें जेल भेजना चाहिए. यह देशद्रोह का मामला है.'

12th February 2019

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