India china talk

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India and china meet 2018

मोदी ने क्या चलाया जादू


मोदी ने दिखाया चाइना को की कितना फ़ायदा है चाइना का इंडिया के साथ


मोदी ने दिखाया की सबको पीछे छोर सकते है अगर साथ  हो तोह


पाकिस्तान को पीछे छोरना होगा


आतंकबाद का खात्मा


इसका पूरा बिस्लेषण देखिये निचे video में - 




29th April 2018

vitorr news

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भारत-चीन वार्ता २०१८

भारत – चीन के रिश्ते की समस्या?


भारत और चीन ने विश्व सकल घरेलू उत्पाद (जीडीप) में सदियों से सबसे अधिक भुगतान किया है| सन १८७० तक भारत और चीन एकसाथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्ता थी. तेजी से पश्चिमी देशों में अधोगिक्करण और उनके द्वारा भारत जैसे देशों की गुलामी ने भारत और चीन को पीछे छोर दिया| समय फिर बदल रहा है,  भारत और चीन फिर से विश्व की अगुवाई कर सकते है| यदपि चीन सन १९४० से भारत से ज्यादा तेज गति से आगे बड़ा और भारत चीन से पीछे रह गया| चीन की बढती आत्मविश्वास और महत्वाकांछा, भारत समेत अन्य पड़ोसी देशों के लिए एक समस्या खड़ी कर रहा हैं| चीन दुसरे देशों की सीमाओं में हस्तछेप लगातार कर रहा हैं| जिसके कारण भारत के साथ चीन के रिश्तें अछे नहीं रहें| भारत, चीन की दादागिरी को नहीं मान सकता और उसने चीन के इस रवैये का हमेसा से जोरदार विरोध किया हैं| चीन ने भारत के आतंकवाद से लड़ाई में भी उसका साथ नहीं दिया हैं|


विश्व के बदलते आयाम और पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, की सिकुड़त व्यापार नीतियों के कारण, चीन और भारत जैसे देशों को अपनी आपसी समस्या से आगे निकलना होगा ताकि भारत और चीन दोनों अपनी ग्लोबल पॉवर सेण्टर बनने की इछा को सत्य कर पाएंगे| मोदी और Xi की वार्ता का महत्त्व बहुत बड जाता हैं|

भारत की क्या माँगे हो सकती हैं.


भारत, चीन से लगे अपने सीमा की समस्याओं का समाधान करना चाहेगा| दोनों देशों के मजबूत निर्णायक नेता आज बड़े और मुश्किल फैसले ले सकतें हैं| भारत हिन्द महासागर में अपनी मजबूत पहचान बनाये रखना चाहता है, जिसे चीन आये दिन अपने घुसपैठ से चुनौती देता है| भारत, चीन के साथ व्यापर असंतुलन पे ठोस कदम उठाना चाहेगा| चीन भी अपने दो मह्त्वाकांची प्रोजेक्ट CPEC और BRI, पे भारत को अपने ओर करना चाहेगा| भारत के लगातार विरोध से चीन के दोनों प्रोजेक्ट असफल हो सकते हैं| अमेरका, चीन को लगातार इम्पोर्ट टैक्स से नुकशान कर रहा हैं| इस हालत में चीन भारत के बाज़ार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगा ताकि वो अमेरका से हो रहे नुकसान की भरपाई कर सके| भारत एशियाई देशों से अपने अछे रिश्ते और चीन की व्यापारिक स्थिथि का फायद उठाके चीन पे दवाब बना सकता है| जो  सभी देशों के हित में समस्या का समाधान करवा सकता है| विश्व भी आज भारत को चीन को चुनौते देने के लिए सम्मान से देख रहा है, सभी देशों की नजर आज भारत पे है|

एक जंगल के दो शेर.


भारत और चीन दोनों सदियों से विश्व के अग्रिण देश रह चुके है| दोनो देशों को अपने स्वर्णिम इतिहस में जाके साथ रहने के तरीकों को याद करना होगा| आज दोनों देश फिर से विश्व के मजबूत देश बन रहे हैं और दोनों की कुछ समान समस्या है| अपने देश के बड़ी गरीब आबादी को आर्थिक रूप से मजबूत करना, अपने आधारभूत संरचना, परमाणु बम वाले आतंकवादी देश से निपटना,देश में आतंकवाद की समस्या और विश्व में व्यापार के तनाव जैसे समस्या दोनों देशों के लिए चिंता का कारण है| भारत, जापान, चीन और बाकि दक्षिण-पश्चिम एशियाई देश एक साथ हो जाये तो ये विश्व के राजनीती और आर्थिक व्यवस्था को नया नजरिया और दिशा दे सकते है|

देखिये पूरा video यहाँ


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27th April 2018

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