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वर्ल्ड कप की टीम में नहीं चुने जाने पर इस क्रिकेटर ने तोड़ी चुप्पी

आगामी विश्व कप 2019 के लिए टीम इंडिया में चुने नहीं जाने पर अंबति रायडू ने निराशा जताई है. कुछ दिनों पहले तक रायडू को कप्तान विराट कोहली द्वारा नंबर-4 के लिए समर्थन प्राप्त था. लेकिन टीम के 15 खिलाड़ियों में अपना नाम नहीं पाने पर रायडू को निराशा हुई, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट के माध्यम से तंज कसते हुए भड़ास निकाली है.

अंबति रायडू ने विश्व कप के मैच देखने के लिए 'थ्री डी चश्मे का आर्डर' दे दिया क्योंकि इस महासमर के मद्देनजर चुनी गई भारतीय टीम में विजय शंकर ने 'तीनों विभागों में काबिलियत' के बूते उन्हें पीछे छोड़ दिया. रायडू ने ट्विटर पर जीभ बाहर निकली हुई इमोजी ट्वीट करते हुए लिखा है, "विश्व कप देखने के लिए मैंने अभी थ्री डी चश्मे का ऑर्डर दिया है."

बता दें कि कुछ महीने पहले ही कप्तान विराट कोहली ने चौथे नंबर के स्थान के लिए उनके नाम को अहम बताया था. हालांकि मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने रायडू के स्थान पर हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर को तरजीह दी. उन्होंने इस चयन को सही ठहराते हुए कहा, 'हमने रायडू को कुछ मौके दिए लेकिन विजय शंकर 'थ्री डाइमेंशन' प्रदर्शन करता है. अगर मौसम थोड़ा खराब है तो वह बल्लेबाजी कर सकता है, वह गेंदबाजी कर सकता है और वह एक क्षेत्ररक्षक है. वह विजय शंकर को चौथे नंबर के लिए ले रहे हैं.'

गंभीर ने भी जताई हैरानी

इधर, रायडू के न चुने जाने पर भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने हैरानी जताई. पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का मानना है कि आगामी विश्व कप के लिए चयनकर्ताओं को टीम में कुछ नए चेहरों को शामिल करना चाहिए था ताकि विपक्षी टीमों को चौंकाया जा सके.

गंभीर ने कहा कि मुख्य चयनकर्ता एम.एस.के. प्रसाद को युवाओं पर विश्वास जताना चाहिए था और उनका समर्थन करना चाहिए था. हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अगर चयनकर्ता समझते हैं कि यह सबसे अच्छी टीम है तो अन्य लोगों को भी उनका समर्थन करना चाहिए.

साल 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य गंभीर ने कहा, "मुझे नहीं पता, यह अंतत: एमएसके (प्रसाद) की बात है, यह उन लोगों की नहीं है जिनके पास अनुभव है. यह आपके ऊपर है कि आपको क्या सही लगता है और यह अनुभव के साथ नहीं आता है बल्कि यह विश्वास के साथ आता है."

उन्होंने कहा, "यदि आपका विश्वास मजबूत है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने 100 टेस्ट मैच खेले हैं या एक भी टेस्ट नहीं खेला है. यह आपका विश्वास और आत्मविश्वास है, जो किसी भी चीज से ज्यादा मायने रखता है."

गंभीर ने कहा, "अंत में, हम सभी यही चाहते हैं कि भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करे और विश्व कप जीतने की कोशिश करे. अगर उन्हें लगता है कि यह 15 ही सर्वश्रेष्ठ हैं तो हमें उनका समर्थन करना होगा."

यह पूछे जाने पर कि क्या ऋषभ पंत की जगह दिनेश कार्तिक को चुना जाना अनुचित है, गंभीर ने कहा कि वह अंबति रायडू के लिए भी इतने ही निराश हैं. पंत के पक्ष में तो अभी उम्र है लेकिन रायडू के लिए तो वह भी नहीं है.

उन्होंने कहा, "केवल एक ही खिलाड़ी के बारे में क्यों बात करें? यहां रायडू भी हैं जो टीम में जगह बनाने से चूक गए. वनडे मैचों में उनका (रायडू का) 48 का औसत है. केवल पंत पर ही ध्यान क्यों? मुझे लगता है कि यह रायडू जैसे खिलाड़ी के लिए कहीं अधिक निराशाजनक है क्योंकि पंत की अभी उम्र है."

'2011 की टीम से बेहतर इस बार की टीम'

मौजूदा टीम के बारे में गंभीर ने कहा कि इस बार की गेंदबाजी 2011 की विश्व कप जीतने वाली गेंदबाजी से बेहतर है. उन्होंने कहा, "हमारे पास धोनी का अनुभव है, जो अपना चौथा विश्व कप खेल रहे हैं. इसके अलावा हार्दिक पांड्या भी हैं, जिनका एक्स-फैक्टर है. इस बार हमारे पास 2011 से कहीं बेहतर गेंदबाजी आक्रमण है."

गंभीर ने कहा, "हमारे पास जसप्रीत बुमराह हैं, जो मौजूदा दौर में सीमित ओवरों के क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं. मुझे लगता है कि यही कारण है कि इस बार हमारे पास 2011 तुलना में कहीं अधिक बेहतर गेंदबाजी आक्रमण है. अब यह बल्लेबाजों के ऊपर है कि वे स्कोरबोर्ड पर रन लगाएं."

बता दें कि रायडू ने भारत के लिए 55 वनडे खेले हैं जिसमें 47.05 की औसत से रन बनाए. बीते कुछ मैचों में हालांकि वह फॉर्म में नहीं चल रहे थे और इसी कारण वह विश्व कप का टिकट गंवा बैठे.

source : aajtak


17th April 2019

vitorr हिंदी

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Disastrous tour of England, Kohli and his bohemians have to answer!

Arrogant Team management have pulled Indian cricket team in an abyss!


Before the England tour had started, we were hopeful of winning a comprehensive series against England in England. This wasn't a wistful thinking. India had prolific test wins to back their dominance claim, we were number one team in Test cricket with great dominating wins at home and add to that we have one of best fast bowling attacks in the world right now. It was time for Indian fans to put their beliefs in Virat Kohli’s team. We even expected to win in SA but sadly lost the series. We blamed it on lack of preparation time. We all were asking one question but in hush hush tone, why we didn't prepare well for SA tour? We knew the reasons but gave it a pass and failed to ask difficult questions. We were assured by the captain and coach that it won't be the case in England. We had arrived well ahead in England to prepare well in English condition. ODI gave us a rude shock when batting crumbled in little bowling favorable conditions, we again gave it a pass. Why? We were of the impression that Test cricket preparation will be different. Players will play practice matches, grind in first class matches before the first test starts. Alas, it wasn't the case. Our superstar were on Europe holiday instead of practicing and playing first class matches to get acclimatize. Captain and coach were confident of their wards as if they are capable of scoring runs even without any preparation.

As the first test commenced, India’s stylish and cocky players showed how good they are. They proved to be arrogant and incompetent, except for the captain none showed any grit, all they had was attitude without skills. The monks, the tattoo stars, the fidgety comeback kings and technically sound ones, all of them have failed to even put up a fight. But if they have not failed in one aspect is that of having fun on the tour and cancelling practice matches. These players are found more on Instagram video than simulating match situation and ironing out flaws.

As an outsider it feels as if the captain and the coach has replaced professionalism with bohemian attitude. For every loss they have an excuse to exonerate the team. I hope the cockiness that the captain and the coach had shown in talks, can be replicated in putting up a fight. If not then BCCI need to take tough decision on the captain, coach bohemian professing duo. Ask them what are they planning. More than the coach, Kohli need to answer since he had unceremoniously ousted Kumble from the coach’s job. This also raise the question that, did Kholi ousted Kumble because he was not conforming to lackluster attitude of the team?

14th August 2018

Ankesh Saha

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